गुरुवार, 18 जुलाई 2013

मेरी माँ

तेरे नैनों में ममता का अम्बर,


तेरे नैनों में ममता का अम्बर,
तेरी वाणी में अमृत की धारा।
तू एक पूर्ण चंदा,
मैं एक छोटा सा तारा।
हमको उबारा है ऐसे,
धर मां का रूप तूने।
जन्नत है तेरी गोदी,
तेरे कदमों में स्वर्ग मेरा।
अगर तू नहीं,
सिखाती जिन्दगानी का पाठ हमको,
कैसे हम पार करते ये तूफानी जल की धारा।
प्यारी मेरी मां, दुलारी मेरी मां वन्दनीय मां,
पूजनीय मां, तू स्वर्ग की है देवी,
मैं तेरा जहांन सारा।

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