समय परिवर्तन
पहले लोंगो के पास पैसा कम
पर संतोष अधिक था
जीवन में भाग दौड़ नहीं था
हर इन्सा चैन से जीता था
प्रेम से मिल जुल रहना
सबका धर्म हुआ करता था
अतिथि देवो भाव का पालन
हर घर में हुआ करता था
आज पैसा पास में ज्यादा
पर लोंगो की नीयत कम
खुद के बारे में सोचना
बन गया लोंगो का नियम
अपनी दुनियां में मगन है सब
किसी को किसी से मतलब नहीं
शादी और गमी के आलावा
कोई किसी से मिलता नहीं
मनोरंजन का जरिया बना
मोबाइल फेसबुक टीवी
सब रहते खुद में ही बिजी
किसी से कोई मतलब नहीं
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