बुधवार, 17 जुलाई 2013

समय परिवर्तन

समय परिवर्तन
पहले लोंगो के पास पैसा कम
पर संतोष अधिक था
जीवन में भाग दौड़ नहीं था
हर इन्सा चैन से जीता था

प्रेम से मिल जुल रहना
सबका धर्म हुआ करता था
अतिथि देवो भाव का पालन
हर घर में हुआ करता था

आज पैसा पास में ज्यादा
पर लोंगो की नीयत कम
खुद के बारे में सोचना
बन गया लोंगो का नियम

अपनी दुनियां में मगन है सब
किसी को किसी से मतलब नहीं
शादी और गमी के आलावा
कोई किसी से मिलता नहीं

मनोरंजन का जरिया बना
मोबाइल फेसबुक टीवी
सब रहते खुद में ही बिजी
किसी से कोई मतलब नहीं

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